नमस्ते, कैसे हैं आप सब। मैं हूं कबीर तनेजा और ये है बेटा, ऑफिस कैसा था, वो शो जो उसी सवाल से शुरू होता है जो मेरी मम्मी रोज़ रात को पूछती हैं, और जिसका जवाब आज तक मैंने ईमानदारी से नहीं दिया। आज की कहानी है शुक्रवार शाम 6 बजे की। आप बैग उठा चुके हैं, कुर्सी अंदर कर चुके हैं, और तभी मैसेज आता है। बस एक छोटा सा काम है। छोटा। सा। काम। दोस्तों, आज तक दुनिया में कोई छोटा सा काम हुआ ही नहीं है, ये एक कहानी है जो मैनेजर एक दूसरे को सुनाते हैं। आज हम इस छोटे से काम के चारों चरण देखेंगे, मम्मी का 6:05 वाला सवाल भी देखेंगे, और एक श्रोता की कहानी सुनेंगे जिसने लैपटॉप शादी के मंडप में खोल लिया। मेट्रो में जगह पकड़ लीजिए। आप सुन रहे हैं Witspeak Podcasts पर!